पुण्य सम्राट के जन्मोत्सव पर .. फटाकों का त्याग करने वाले बच्चो को किया पुरुस्कृत एवं जरूरतमंद को बाटे कम्बल

मालवा न्यूज रानापुर
श्रीमद जयंतसेन सूरी हमारी अन्नत आस्था,श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक थे। पूज्य श्री का राणापुर पर अप्रतिम स्नेह रहा हे।राणापुर को उन्होंने अपनी कर्म स्थली माना हे।इसी राणापुर से गुरुदेव ने लेखन,नवकार आराधना,ओर अनेकों कार्यों का शुभारंभ किया था। यदि हम अपना सर्वस्व न्योछावर करदे तो भी उऋण नहीं हो सकते।उक्त उद्गार मनोहर भंडारी (झाबुआ जैन संघ अध्यक्ष) ने तरुण गुरु जयंत जन्मोत्सव के तहत श्री राज राजेंद्र स्कूल में व्यक्त किए। श्री भंडारी ने कहा कि यह कार्यक्रम जहां आयोजित किया जा रहा हे यह भी पूज्य श्री जयंतसेन जी की ही देन हे। भंडारी ने कहा कि हम समाज में स्वामीवात्सल्य ओर जुलूस निकालकर औपचारिकता कर लेते हे पर तरुण परिषद ने स्कूल के 500 से ज्यादा बच्चों के बीच जन्मोत्सव मनाते हुए मिठाई और नमकीन का स्वल्पाहार कराया जो प्रशंसनीय हे।बच्चो को रजत वर्ष में 25 कम्बल वितरण,फटाको का त्याग करने वाले बच्चे और उनकी शिक्षिकाओं का सम्मान हृदय को छू गया। तरुण परिषद के अवि और प्रणय का धन्यवाद ज्ञापित किया और राशि भेट की।समारोह का शुभारंभ पूज्य श्री के चित्र पर माल्यार्पण कर अतिथि श्री मनोहर भंडारी,श्री चंद्रसेन कटारिया,गंभीरमल राठी,अनिल सेठ और नेहरू युवा केंद्र की समन्वयक श्री मति प्रीति पंघाल ने किया।अतिथियों का सम्मान अवि सकलेचा,प्रणय कटारिया,धैर्य सेठ,जयेश कटारिया,ईशान भंसाली,गोतम सकलेचा ने मोतियों की लड़ियों से किया। अतिथियों ने भी अपने उद्बोधन में कार्यक्रम ओर किए गए कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। फटाको का त्याग करने वाले 30 बच्चों ओर त्याग कराने वाली 11 जैन शिक्षिकाओं का सम्मान किया गया।समारोह में आमंत्रित अतिथि ओर उपस्थित गणमान्य नागरिक तथा बच्चों का प्राचार्य सजीव ने आभार माना। श्री चंद्रसेन कटारिया ने भी राशि परिषद को भेट दिए। कार्यक्रम के पश्चात आरती उतारी गई।
