सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम ने बताया नारी शक्ति का महत्व
सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा आयोजित हुआ कार्यक्रम 1


मालवा न्यूज राणापुर(ललित जैन)
विद्या भारती मालवा धार विभाग द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें बड़ी संख्या में शामिल ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाओं ने नारी की सप्तशक्ति के बारे में जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पदमा सेठ अध्यापिका थी।विशेष अतिथि पूर्व छात्रा यश्वी शाह रही।अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष दीपमाला नलवाया ने की।अतिथि प्रीति सेठिया,अनिता उपाध्याय रही। कार्यक्रम की मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती, भारत माता एवं प्रणव अक्षर ओम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया गया।वंदना प्रार्थना के पश्चात विद्यालय की बहनों द्वारा गीत की एवं नृत्य की प्रस्तुति दी।अतिथि परिचय अंतिम राठौड़ द्वारा दिया गया।कार्यक्रम की प्रस्तावना विद्यालय की प्रधानाचार्य नीता घूमरे द्वारा किया गया।संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन विनीता नाहर द्वारा किया गया।
नारी ही परिवार की आधारशिला है–
प्रथम वक्ता पदमा सेठ ने अपने उद्बोधन में कुटुंब प्रबोधन नारी के सप्त गुण कीर्ति, श्री ,वाक्, स्मृती, मेधा, धृति, क्षमा, गुण की व्याख्या करते हुए कहां की नारी ही परिवार व समाज की आधारशिला है,।महिलाओं का कार्य सरल नहीं है उसे अपने जीवन में बहुत सारी भूमिकाओ का निर्वहन करना पड़ता है परंतु भारतीय नारी अपने कुशलता से यह सब कार्य आसानी से कर लेती हैं। उन्होंने छः भ की व्याख्या करते हुए कहा-भोजन,भजन,भवन,भाव, भूषा, भाषा, ऐसे छः महत्व के बारे में बताया। यश्वी शाह ने अपने उद्बोधन कहा कि अपने आसपास की महिला बहुत से अच्छे पदों पर कार्यरत है और बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं, उनसे हमे भी प्रेरणा लेनी चाहिए।
*महिला का अर्थ म से महान,हि से हिम्मत वाली,ला से लाजवंती अर्थ बताया। साथ ही उन्होंने अपने वर्तमान में कलेक्टर जेलर, ऐसे अन्य पदों पर कार्य कर रही महिला के बारे में बताया कि यह महिलाएं देश का नाम कर रही है।उनके जैसे हमें भी कार्य करना है और हमारे वेशभूषा हमारा खानपान यह सब हमारे देश का होना चाहिए जिससे इस प्रकार की बुध्दिमिता आती है।नगर परिषद अध्यक्ष दीपमाला नलवाया ने पढ़ाई का महत्व बताते हुए हमें आगे किस तरह बढ़ते रहना है और अपने लक्ष्य को किस प्रकार पाना है यह बताया।सनातन संस्कृति पर आधारित प्रश्नोत्तरी की गई जो विनीता नाहर द्वारा संपन्न करवाया गया ।
विशिष्ट मातृशक्ति का किया सम्मान–
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट मातृशक्ति का सम्मान किया गया। रमाकांता माहेश्वरी जिन्होंने समाज को जागृत करने का कार्य किया और समाज सेवा व बच्चों को हमेशा अच्छे कार्य के लिए प्रेरित किया।सरिता उपाध्याय ने अपने परिवार को एकता के सूत्र में बांधे रखा ।सभी आज एक साथ 6 भाइयों का परिवार संयुक्त परिवार में रह रहे हैं। शांता पोरवाल द्वारा भगवान के वस्त्र बनाने में निस्वार्थ सेवा और समर्पण दिया। विविध वेशभूषा कार्यक्रम संपन्न हुआ। कुमारी माधवी सेन भारत माता बनकर आई थी ।जीजाबाई बनकर आए थे, कुमारी श्रीधारा चतुर्वेदी। झांसी की रानी बनकर आई थी।श्रीमती राधा राठौर अहिल्याबाई बनकर आई थे। भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई के रूप में कुमारी मिशिका अग्रवाल आई। सभीको पुरस्कार देकर सम्मानित किया।संचालक विनीता नाहर द्वारा संकल्प दिलवाया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय ने यह बहुत ही अच्छा कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें महिलाओं को बहुत कुछ सीखने मिला है।अनुभव कथन कल्याणी राठौर ,और माधुरी पोरवाल द्वारा हुआ।अंत में अनीता उपाध्याय के द्वारा कार्यक्रम का आभार प्रकट किया गया। उक्त कार्यक्रम में राणापुर बाल विकास समिति की महिला मंडल वैशाली अग्रवाल, सुधा उपाध्याय का विशेष योगदान रहा। संस्था के व्यवस्थापक, अध्यक्ष आचार्य परिवार उपस्थित रहे
