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मालवा न्यूज राणापुर,(ललित जैन )
बिरसा मुंडा जनजाति समाज के अस्तित्व व अस्मिता के लिए लड़े,अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया इसीलिए भगवान के रूप में पूजे जाते हैं।यह उद्गार जनजाति समाज के कार्यकर्ता पवन परमार ने कही।वे जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता थे।उन्होंने कहा कि जनजाति समाज की पहचान गांवों में रहने वाले अनपढ़ गंवार में रूप में होती थी लेकिन देश के लिए जब भी संकट का समय आया यह समाज राष्ट्रहित में बढ़चढ़कर आगे आया ।राष्ट्र की आजादी की लड़ाई में में भी समाज ने अपना भरपूर योगदान दिया। इसके पूर्व जनजाति समाज के लोग कृषि मंडी में एकत्र हुए।यहां से एक रैली निकाली गई।बड़ी संख्या में महिला पुरुष व युवक युवतियां पारंपरिक वेशभूषा पहनकर आए थे।ढ़ोल मांदल की थाप पर पूरे रास्ते परम्परागत नृत्य करते हुए चल रहे थे।रैली पुराना अस्पताल तिराहा,थाना,सुभाष मार्ग,शिवाजी चौक,म गा मार्ग होते हुए बस स्टैंड स्थित सभा स्थल पर पहुंची।यहाँ जनजाति समाज के जनप्रतिनिधियों के साथ समाज के वरिष्ठ भी मंचासीन थे।भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण व पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।सोमसिंह सोलंकी ने अपने उदबोधन में कहा कि जनजाति समाज शुरू से हिन्दू समाज का अभिन्न अंग रहा है।उन्होंने आदिवासी समाज को भड़काने वालो को जमकर लताड़ा।नगर परिषद अध्यक्ष दीपमाला नलवाया ने जनजाति समाज मे शिक्षा की आवश्यकता पर जोर डाला।उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए आवाज उठाना ही चाहिए।तभी हमारा शिक्षित होना सार्थक है।जनपद पंचायत अध्यक्ष निर्मला भानु भूरिया ने कहा कि हमे अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिये।जनजाति गौरव दिवस के इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य विजय भाभर, दिलीप नलवाया,रामेश्वर नायक,मुकेश मेड़ा,इन्द्रसिंग सिंगाड़,रामसिंह भूरिया,मोगा भगत,बेनी गेहलौर,संचित कटारिया, कमलेश नाहर,निखिल पंड्या,सौरभ पोरवाल सहित अनेक कार्यकर्ता व नेता उपस्थित रहे।जनपद पंचायत सीईओ बीएस मवासे, बीइओ राकेश सोनी,सीएमओ लक्ष्मीकांत शर्मा टीआई दिनेश रावत आयोजन की व्यवस्था में लगे हुए थे।कार्यक्रम का संचालन दिवान भूरिया ने किया।आभार संजय सोलंकी ने माना।

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