एकद भागवत शास्त्रम…. भागवत ही मुक्ति का सोपान हे – आचार्य रामानुज

ललित जैन मालवा न्यूज रानापुर वृंदावन धाम में पड़ियार परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस व्यासपीठ से अपनी अनुपम शैली से भागवत के अनछुए पहलुओं पर चर्चा करते हुए आचार्य रामानुज ने एकद भागवत शास्त्रम की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि साधक आराधक ओर सिद्ध इन तीनों के लिए भगवत का महत्व हे। आचार्य श्री ने मनु वैशाली जी की उत्कृष्ट कविताओं का जिक्र भी किया। आचार्य श्री ने वर्तमान की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज राजनीति के नाम पर हो रहा हे उसे राजनीति नहीं कहा जा सकता ।यदि वास्तव में राजनीति सीखना हे तो कृष्ण के उपदेश से सीखे।राम के कार्यों से सीखे।सीता के चरित्र से सीखे।रूखमणि के प्रेम से सीखे,कथा का श्रवण करते समय अपना अहंकार छोड़ना होगा।जिसने अहंकार को वश में कर लिया तो समझो भवसागर पार कर लिया। आचार्य श्री के मधुर भजनों की धुनों पर उपस्थित श्रोताओं के पैर नाचने झूमने लगे। कथा के दूसरे दिन पड़ियार परिवार के स्वागत के बाद अग्रवाल समाज,अरोड़ा समाज,ब्राह्मण समाज,टेलर समाज,प्रजापति समाज,राठौड़ समाज,ने व्यासपीठ का सम्मान कर आचार्य श्री से आशीर्वाद लिया। निहालचंद पड़ियार,मदनलाल पंचाल कुंदनपुर,नंदलाल चौहान,चंदन भटेवरा भाबरा ने भी आचार्य श्री का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।
